अब सीबीआई सुलझाएगी आईएएस के मौत की गुत्थी
अनुराग के परिवार का दवा है कि वो भ्रष्ट अफसरों की पोल खोलने वाले थे, इसलिए उनका मर्डर कर दिया गया।
अनुराग के परिवार का दवा है कि वो भ्रष्ट अफसरों की पोल खोलने वाले थे, इसलिए उनका मर्डर कर दिया गया।
आईएएस अफसर अनुराग तिवारी की मौत की जांच सीबीआई करेगी। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। कर्नाटक कैडर के अफसर अनुराग तिवारी का शव पांच दिन पहले संदिग्ध हालत में लखनऊ में मिला था। अनुराग का परिवार पांच दिन से कह रहा था की आईएसएस अफसर ने सुसाइड नहीं किया, उसकी हत्या हुई है। अनुराग के परिवार का दवा है कि वो भ्रष्ट अफसरों की पोल खोलने वाले थे, इसलिए उनका मर्डर कर दिया गया। मौत से पहले अनुराग तिवारी बैंगलोर में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग में कमिश्नर के पद पर तैनात थे। अनुराग के भाई का दावा है कि अनुराग बहुत जल्द बड़ा खुलासा करने वाले थे।
एक और अहम बात पता चली है, मौत से पहले रात दो बजे तक अनुराग जगे हुए थे और वो मोबाइल पर चैट कर रहे थे। सीबीआई जांच की सिफारिश से पहले अनुराग का परिवार आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला। योगी ने उन्हें इंसाफ का भरोसा दिया और कहा कि अगर हत्या हुई है तो हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद लखनऊ की पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। अनुराग तिवारी के भाई का दावा है कि हत्या के बाद क्राइम सीन को पानी से धोया गया। अनुराग के मोबाइल से छेड़छाड़ की गई क्योंकि पुलिस को उनका मोबाइल अनलॉक मिला था। पुलिस ने शुरू में कहा था कि मॉर्निंग वॉक के वक्त आईएएस अफसर की मौत हुई। अनुराग की मां का कहना है कि उनका बेटा कभी मॉर्निंग वॉक पर नहीं जाता था। 2007 बैच के आईएएस अफसर अनुराग तिवारी उस रात लखनऊ के सरकारी मीराबाई गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे।



